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Yaha Waha Jaha Taha\ Santoshi Maa Aarti

Yaha waha jaha taha mat puchho

Lyrics: यहा वाहा जहा ताहा मत पुच्च्ो

यहा वाहा जहा ताहा मत पुच्च्ो
कहा कहा है संतोषी मा
अपनी संतोषी मा
अपनी संतोषी मा
जल मे भी तल मे भी
चल मे अचल मे भी अटल वाइटल मे भी मा
अपनी संतोषी मा
अपनी संतोषी मा

बड़ी अनोखे चमत्करणी
यह अपनी मइए
राई को पर्वत कर सकती पर्वत को राई
दुवार खुला दरबार खुला है
आओ बाहे भाई इसके दर
कभी दया की कमी नही आई
पल मे निहाल करे दुख को निकार करे
पल मे निहाल करे दुख को निकार करे
टोरात कमाल करे
अपनी संतोषी मा
अपनी संतोषी मा
यहा वाहा जहा ताहा मत पुच्च्ो
कहा कहा है संतोषी मा अपनी
संतोषी मा अपनी संतोषी मा

इश्स अंबा मे जगदंबा
मे जजाब की है सकती
चिंता मे धुबे हुए
लोगो कार्लो इसके भकती
अपना जीवन सौप दो इसको पॅलो रे मुक्तई
सुक संपट्टी की दाता
यह मा यह क्या नही कर सकती
बिगड़ी बनाने वाली दुखड़े मिटाने वाली
बिगड़ी बनाने वाली दुखड़े मिटाने वाली
क़स्स्ट हटाने वाली अपनी संतोषी मा
यहा वाहा जहा ताहा मत पुच्च्ो
कहा कहा है संतोषी मा
अपनी संतोषी मा
अपनी संतोषी मा

गौरी सूट गणपति की बेटी
यह है बड़ी भोली
देख देख के इसके मुक़डरा हर एक दिशा डॉली
आओ रे भक्तो यह माता है सब की हमजोली
जो माँगॉगे तुम्हे मिलेंगे भर लो रे झोली
उजवाल उजवाल निर्मल निर्मल उजवाल उजवाल
निर्मल निर्मल सुंदर सुंदर
अपनी संतोषी मा
अपनी संतोषी मा
यहा वाहा जहा ताहा मत पुच्च्ो
कहा कहा है संतोषी मा अपनी
संतोषी मा अपनी संतोषी मा
अपनी संतोषी मा
अपनी संतोषी मा.